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"सम्मानित पल"

"सम्मानित पल"  रविवार 4 सितम्बर 16 को अखिल भारतीय श्री मीना सामाजिक एवं शैक्षणिक समिति और श्री मीना समाज विकास समिति कोटा के तत्वावधान मे ,स्वतन्त्रता सैनानी स्व.श्री भैरवलाल काला बादल की 96वी जयंती श्रद्दापूर्वक मनाई गयी इस अवसर कोटा में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजली अर्पित कर स्वतंत्रता सैनानी भैरवलाल कालाबादल सामुदायिक भवन में रक्तदान शिविर का शुभारम्भ शुभारम्भ किया गया .जिसमे कालाबादल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रक्तदान करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित किया तथा स्वतंत् रता सेनानी भैरवलाल कालाबादल के व्यक्तितव और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके देश की आजादी में दिए गये योगदान को याद किया ! इस अवसर समाज के महानुभावो ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और कालाबादल जी को पुष्पांजली अर्पित की! रक्तदान शिविर में युवाओं और युवतियों ने बढ चढकर भाग लिया और अपने समाज के मसीहा और स्वतंत्रता सेनानी के जन्मदिन पर 125 यूनिट रक्तदान कर उनको सच्ची श्रद्दांजली अर्पित की! रक्तदान............. इसके बाद दोपहर 2 बजे आडोटोरियम में प्रोत्साहन व प्रतिभा सम्मान समारोह का शुभारम्भ हुआ जिसमे मुख्य अथित...

गंडामन मिड डे मील मामले में पूर्व प्रधानाध्यापिका मीना देवी को 17 साल की सजा

गंडामन मिड डे मील मामले में पूर्व प्रधानाध्यापिका मीना देवी को 17 साल की सजा गंडामन मिड डे मील मामले में छपरा सिविल कोर्ट ने आरोपित पूर्व प्रधानाध्यापिका मीना देवी को 10 साल की सजा सुनायी है। एडीजे दो विजय आनंद तिवारी ने यह फैसला सुनाया। जब फैसला सुनाया जा रहा था तब कोर्ट में काफी भीड़ थी। पिछले 24 अगस्त को एडीजे ने अपने निर्णय में मीना को आईपीसी की धारा 304 व 308 के तहत दोषी माना था। वहीं उनके पति अर्जुन राय को साक्ष्य के अभाव में रिहा करने का आदेश दिया था। क्या था मामला 16 जुलाई 2013 को छपरा के मशरक प्रखंड के धर्मासती गंडामन गांव स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में विषाक्त मिड डे मील खाने से 24 स्कूली बच्चों की मौत हो गयी थी। दिल दहला देने वाली इस घटना ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया था। देश-दुनिया में होती रही थी चर्चा इस हादसे की चर्चा काफी दिनों तक देश-दुनिया की मीडिया में होती रही। अमेरिकी अखबार न्यूयार्क टाइम्स ने भी गंडामन हादसे की खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। इस हादसे के बाद सही तरीके से मिड डे मील योजना के संचालन के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवां...
सिंधू-साक्षी-दीपा और गोपीचंद को मिलीं BMW कारें, सचिन के हाथों मिला तोहफा बैडमिंटन स्टार सिंधू ने कहा, '' सचिन सर ने मुझसे वादा किया था कि यदि मैं रियो ओलंपिक में पदक जीतने में सफल रहूंगी तो वह मुझे बीएमडब्ल्यू कार भेंट करेंगे। उन्होंने आज अपना वादा पूरा किया। '' हैदराबाद। रियो ओलंपिक में भारतीय टीम के सद्भावना दूत रहे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने यहां रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में रियो की रजत पदक विजेता स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू और कांस्य पदक विजेता महिला पहलवान साक्षी मलिक के अलावा जिम्नास्ट दीपा करमाकर और बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद को बीएमडब्ल्यू कारें भेंट की।  तेंदुलकर ने इन सभी खेल हस्तियों को कार की चाबी भेंट करते हुये कहा, '' यह भारतीय खेलों के लिये बेहतरीन क्षण है। यात्रा यहां से शुरू हुई है और मुझे पूरा भरोसा है कि यह यात्रा यहां नहीं रूकेगी। हम सभी इस यात्रा में जुड़ेंगे और आपका समर्थन करेंगे। आप हमें लगातार जश्न करने के कई मौके प्रदान करते रहिये। इस समय पूरा देश खुश है और लोग खुशी से झूम रहे हैं। अभी और बड़ी चीज...

क्या हुआ ऐसा कि पलक झपकते ही पत्थर में बदल गए 20 हजार लोग!

क्या हुआ ऐसा कि पलक झपकते ही पत्थर में बदल गए 20 हजार लोग! एक ऐसा शहर जो प्रकृति के कोप के आगे कुछ ही पलों में पत्थर में बदल गया। यहां रहने वाला हर शख्स पत्थर बन गया। हम बात कर रहे हैं पॉम्पी शहर की। यह एक इटली का प्रसिद्ध शहर था। लेकिन 79 ई. में ये शहर पल भर में माउंट वेसुवियस ज्वालामुखी के फटने से नष्ट हो गया था। 20 हजार आबादी वाले इस शहर को ज्वालामुखी से निकलने वाले लावे ने निगल लिया। यहां रहने वाले लोग 13 से 20 फीट नीचे दब गये। लेकिन ये किसी को नहीं पता था कि ये ज्वालामुखी इन इंसानों को फ्रीज करके पत्थर बना देगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ज्वालामुखी फटते वक्त शहर का तापमान 250 डिग्री सेल्सियस (482 ° F) था, जो किसी इंसान को खत्म करने के लिए काफी था।  यहां रहने वाले लोगों का शरीर ज्वालामुखी के लावे की वजह से पत्थर में बदल गया। इस शहर की खुदाई के बाद से लगातार पत्थर बन चुके शव बाहर आ रहे हैं।
ओलंपिक में मेडल जीतने पर महिला जिम्‍नास्‍ट ने ली 'सेल्‍फी', अब इस एथलीट को मिल सकती है मौत की सजा रियो डी जेनेरिया :  एक महिला जिम्‍नास्‍ट के लिए ओलंपिक में मेडल जीतने के बाद सेल्‍फी लेना अब 'जानलेवा' साबित हो सकता है। दरअसल, नॉर्थ कोरिया की एथलीट हॉन्ग यूं जूंग और साउथ कोरिया की ली यू लू की सेल्फी इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस सेल्फी में हॉन्ग यूं जूंग और ली यू लू एक साथ दिखाई दे रही हैं। अब ये सेल्‍फी ही हॉन्ग यूं जूंग के लिए मुसीबत बन गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस सेल्‍फी के चलते हॉन्ग को स्वदेश लौटते ही मौत की सजा हो सकती है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही नॉर्थ कोरियाई टीम में खलबली मच गई है। बता दें कि हॉन्ग यूं जूंग उत्‍तरी कोरिया की पहली महिला जिमनास्ट हैं, जिन्होंने ओलिंपिक में मेडल जीता है। उन्होंने बीजिंग में वॉल्ट इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया और उत्‍तरी कोरिया के आपसी संबंध बेहद खराब हैं और दोनों देशों के बीच जंग जैसी स्थिति उत्‍पन्‍न होती रहती है। ऐसे में हॉन्ग यूं जूंग और ली यू लू की सेल्फी...
गुस्‍से में उत्‍तर कोरिया का तानाशाह, रियो ओलंपिक में पदक नहीं जीतने वाले खिलाड़ियों को मिलेगी सजा! नई दिल्‍ली/प्‍योंयांग:  उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन रियो ओलंपिक में पदक नहीं जीत पाने वाले खिलाड़ियों को कड़ी सजा देने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर कोरिया में उन खिलाड़ियों को सजा देने की तैयारी की जा रही है जो रियो ओलंपिक में बिना कोई पदक जीते वापस लौट आए हैं। बताया जा रहा है कि किम जोंग ऐसे खिलाड़ियों से खासा नाराज है और उन्‍हें कोयले की खदान में काम करने की सजा दी सकती है जो रियो में पदक जीतने में नाकाम रहे। तानाशाह ने अपने खिलाड़यिों को पांच गोल्‍ड सहित 17 पदक जीतकर लाने का फरमान सुनाया था। इससे कम पदक लेकर आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी लेकिन 31 एथलीटों वाले उत्तर कोरियाई दल ने दो स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक सहित केवल सात पदक ही जीतने में कामयाब रहे। ऐसे में इअ बाकी 24 एथलीटों की जिंदगी नर्क बन सकती है। इन्‍हें दंड के तौर पर कोयले की खदानों में काम करने के लिए भेजा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, किम जोंग इसलिए भी ज्यादा ग...

ये है देश का सबसे अमीर मंदिर, खजाने से कहां गायब हुआ 776 KG सोना?

ये है देश का सबसे अमीर मंदिर, खजाने से कहां गायब हुआ 776 KG सोना? तिरुवनंतपुरम.  देश के सबसे अमीर पद्मनाभस्वामी मंदिर के खजाने से 776 किलो सोना गायब हो गया। कैग की ऑडिट रिपोर्ट में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ। कहा गया है कि मंदिर प्रशासन में जमकर करप्शन हुआ। यहां सोने के बर्तनों की संख्या 1166 होनी चाहिए, लेकिन फिलहाल 397 ही मौजूद हैं। यानी शुद्धिकरण के नाम पर 769 बर्तन (वजन-776 KG) ग़ायब हो चुके हैं। जिनकी कीमत 186 करोड़ रुपए बताई गई है। बता दें कि अक्टूबर, 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीएजी चीफ विनोद राय को मंदिर के खजाने की ऑडिट रिपोर्ट देने को कहा था।  मंदिर के पास एक लाख करोड़ का खजाना...   - सीनियर वकील गोपाल सुब्रमण्यम ने सुप्रीम कोर्ट को कैग से ऑडिट कराने का सुझाव दिया था। - इसके पहले 2011 में कैग की निगरानी में पद्मनाभस्वामी मंदिर से एक लाख करोड़ रुपए का खजाना निकला था। - रिपोर्ट की मानें तो मंदिर में 14.18 लाख रुपए का सोना और चांदी नादवारव रजिस्टर में दर्ज नहीं है जो गैरकानूनी है।  - मंदिर ट्रस्ट पर 1970 में गैरकानूनी तरीके से 2.11 एक...